मेष

Mar 21 - Apr 19

भविष्यफल

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इस वर्ष मेष राशि पर शनि का ग्यारहवें भाव में संचरण अमोघ लाभ के मार्ग खोलेगा। अष्टकवर्ग में ग्यारहवें भाव में उच्च बिंदु आर्थिक सुदृढ़ता का संकेत देते हैं। गुरु का द्वितीय भाव में गोचर वाणी में सिद्धि और धन संचय लाएगा। अघोर तंत्र के अनुसार यह समय भौतिक और आध्यात्मिक उत्थान का समन्वय है।

प्रेम

पंचम भाव पर गुरु की अमृतमयी दृष्टि से प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता और विवाह के योग बनेंगे। जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बनाने के लिए अहंकार का त्याग अनिवार्य है। केतु का छठे भाव में गोचर रिश्तों में आने वाली बाधाओं को दूर करेगा।

करियर

दशम भाव के मजबूत अष्टकवर्ग बल और शनि के एकादश भाव में गोचर से व्यावसायिक उन्नति के शिखर पर पहुंचेंगे। राहु का व्यय भाव में होना विदेशी व्यापार और तकनीकी क्षेत्रों में अप्रत्याशित सफलता दिलाएगा। मंगल और शनि की दृष्टि संबंधों के कारण कार्यस्थल पर सत्ता संघर्ष संभव है, किंतु विजय आपकी ही होगी।

स्वास्थ्य

मंगल की उग्रता और राहु के बारहवें भाव में होने से रक्तचाप, अनिद्रा और पित्त विकारों की संभावना है। अघोर साधना पद्धति के अनुसार शरीर में ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा, किंतु मानसिक शांति हेतु ध्यान आवश्यक है। केतु का छठे भाव में होना पुराने रोगों से मुक्ति दिलाएगा।

शुभ रंगरक्त वर्ण (गहरा लाल)
शुभ अंक9
वैदिक उपाय

अमोघ तांत्रिक सुरक्षा हेतु प्रत्येक मंगलवार को हनुमान जी को चमेली का तेल और सिंदूर अर्पित करें। एक तांबे के पात्र में 'बगलमुखी यंत्र' स्थापित कर पूजन करें। नकारात्मक ऊर्जा से बचने के लिए गले में 'तीन मुखी रुद्राक्ष' धारण करें और 'ॐ हं हनुमते नमः' का नियमित जाप करें।