कर्क
Jun 21 - Jul 22
भविष्यफल
कर्क राशि के लिए यह वर्ष मिश्रित फलदायी रहेगा। शनि की अष्टम ढैया संघर्ष तो देगी परंतु बृहस्पति का वृषभ राशि में गोचर आपके भाग्य को बल प्रदान करेगा। राहु-केतु का गोचर आध्यात्मिक यात्राओं और गुप्त विद्याओं में रुचि बढ़ाएगा। अष्टकवर्ग के अनुसार प्रथम भाव में मध्यम बिंदु होने से आत्मविश्वास में थोड़ी कमी आ सकती है लेकिन ग्यारहवें भाव की मजबूती आर्थिक संकटों से बचाएगी।
पंचम भाव पर गुरु की शुभ दृष्टि के कारण प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। अविवाहित जातकों के लिए विवाह के प्रबल योग बन रहे हैं। राहु के नवम भाव में होने से अंतरजातीय या विदेशी संबंधों से लाभ मिल सकता है। वैवाहिक जीवन में सामंजस्य बना रहेगा।
करियर के दृष्टिकोण से शनि की अष्टम ढैया कार्यक्षेत्र में कुछ व्यवधान उत्पन्न कर सकती है लेकिन एकादश भाव में गुरु का गोचर आय के निरंतर प्रवाह को सुनिश्चित करेगा। दशम भाव पर शनि की तृतीय दृष्टि कठोर परिश्रम की मांग करती है। अष्टकवर्ग में एकादश भाव के उच्च बिंदु यह दर्शाते हैं कि वर्ष के उत्तरार्ध में रुकी हुई पदोन्नति और नए व्यापारिक अनुबंध प्राप्त होंगे।
अष्टम शनि के कारण कफ और जोड़ों के दर्द की समस्या रह सकती है। केतु का तृतीय भाव में होना साहस तो देगा परंतु मानसिक तनाव और अनिद्रा की शिकायत हो सकती है। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें और प्राणायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
अमोघ तंत्र के अनुसार 'महामृत्युंजय यंत्र' को चांदी के पत्र पर उत्कीर्ण करवाकर सोमवार को धारण करें। प्रत्येक शनिवार को शनि देव के निमित्त 'नीलांजन समाभासं' स्तोत्र का पाठ करें और काले तिल मिश्रित जल से शिवलिंग का अभिषेक करें।